Friday, February 26, 2010

Chand Chadhyo Gignaar

चाँद चढ्यो गिगनार

चाँद चढ्यो गिगनार फिर सा ,
ढल आई आधी रात पिहुजी,
अब तो घरा पधारो ,
मारुनी थारी बिलखे छे जी बिलखे छे |

चाँद चढ्यो गिगनार फिर सा ,
ढल आई आधी रात पिहुजी,
अब तो घरा पधारो ,
मारुनी थारी बिलखे छे जी बिलखे छे |

हाथ्य मेहंदी राच्नी , कोई नैना काजल घाल्यो जी - २
ले दिव्लो चढ़ घी को बाले, मर्वर पलंग सवारों जी
बेठी मनरो मार गोरिका आया नहीं भरतार,
मारुनी थारी बिलखे छे जी बिलखे छे |

चाँद चढ्यो गिगनार फिर सा ,
ढल आई आधी रात पिहुजी,
अब तो घरा पधारो ,
मारुनी थारी बिलखे छे जी बिलखे छे |

ज्यो ज्यो तेल बाले दिवलो में, भल बाती सर्कावे जी - २
नहीं आया अब तक यो रसियो, दिव्लो नाद हिलावे जी
दिवलो क्यूँ झुंझलाए गोरी, दिवलो दियो बुझाये,
मारुनी थारी बिलखे छे जी बिलखे छे |

चाँद चढ्यो गिगनार फिर सा ,
ढल आई आधी रात पिहुजी,
अब तो घरा पधारो ,
मारुनी थारी बिलखे छे जी बिलखे छे |

सिसक सिसक कर गोरी रोवे , तकियों कालो करियो जियो जी - २
उग्तो सूरज रसियो आयो, हाथ पीठ पर धारियों जी
कठे बिताई सारी रात थाणे उग आयो परिभात
मारुनी थारी बिलखे छे जी बिलखे छे |

चाँद चढ्यो गिगनार फिर सा ,
ढल आई आधी रात पिहुजी,
अब तो घरा पधारो ,
मारुनी थारी बिलखे छे जी बिलखे छे |

हाथ चिटक कर गोरी बोली अब क्यूँ घर्या पधारा जी - २
सौतें के संग रात बिताई , कद कद कोढ़ कमाया जी -२
कठे बिताई सारी रात थे तो, कर दीन्यो परभात
मारुनी थारी बिलखे छे जी बिलखे छे |



उक चुक क्यूँ गोरी बोलो गोरी, मत न देवो ताना जी - २
साथी रा संग रात बिताई, खेला चोपर पासा जी - २
बठे बिताई सारी रात म्हाने, उग आयो परभात
गोरी मुस्काओ जी , मुस्काओ जी

चंदो गयो सिधार देखो, उग आयो परभात
म्हारा अब आया भरतार ,
मनरो मुल्खे छे जी मुल्खे छे |

चाँद चढ्यो गिगनार फिर सा ,
ढल आई आधी रात पिहुजी,
अब तो घरा पधारो ,
मारुनी थारी बिलखे छे जी बिलखे छे |
गोरी मुस्काओ जी , मुस्काओ जी |
मारुनी थारी बिलखे छे जी बिलखे छे |
गोरी मुस्काओ जी , मुस्काओ जी |
मारुनी थारी बिलखे छे जी बिलखे छे |
गोरी मुस्काओ जी , मुस्काओ जी |
मारुनी थारी बिलखे छे जी बिलखे छे |
गोरी मुस्काओ जी , मुस्काओ जी |

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